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भाभी का गुलाम भाग २

तो में बोला कि जी मालकिन में याद रखूँगा और फिर में बोला कि मालकिन आप इतनी रात रूम में क्यों आ गयी? तो भाभी बोली कि मेरे पैरो में आज पूरा दिन सेंडल पहनने के कारण दर्द हो रहा है तो मैंने सोचा कि मेरा गुलाम किस काम आएगा इसलिए में तुम्हारे पास आ गयी। फिर भाभी मेरे बेड पर बैठ गयी और अपने पैरो को मिनी टेबल जो कि गुलदस्ता या टेबल फेन रखने के काम आता है उस पर पैरो को रखकर बैठ गयी और मुझे बोली कि चलो मेरे तलवो को चाटो और याद रखना जब तक में ना कहूँ तुम्हारी जीभ मेरे पैरो से अलग नहीं होनी चाहिए। फिर में बोला कि जी मालकिन जैसी आपकी आज्ञा। फिर मैंने भाभी क तलवो को चाटना शुरू कर दिया भाभी के पैर बिल्कुल गोरे और एकदम साफ दिख रहे थे। तो मैंने जैसी ही भाभी के तलवो को चाटना शुरू किया उनके तलवो का स्वाद चखकर में तो अब पागल सा हो गया था और में कुत्तो की तरह भाभी के तलवो को चाटने लगा और अब मुझे भाभी के तलवो को चाटने में बड़ा मज़ा आ रहा था। फिर में भाभी के तलवो को अब अपने मुहं से चूसने लगा था.. ऐसे स्वाद से तो में पागल हो रहा था और करीब आधे घंटे तक भाभी के तलवे चाटने के बाद भाभी बोली कि बस रुक जाओ। अब मेरा दर्द खत्म हो गया है और एक बात और आज के बाद हर सुबह उठते ही मेरे पैरो को हाथ नहीं लगाना समझे।

तो में बोला कि क्यों मालकिन? फिर भाभी बोली कि क्योंकि अब से तुम्हे हर सुबह मेरे पैरो को चाटना है समझे.. में बोला कि जी मालकिन जैसा आपका हुक्म। फिर भाभी बोली कि कल मेरी छोटी बहन आ रही है उसके सामने मेरा पालतू कुत्ता बनकर रहना और अगर ज़रा भी तुमने कोई बात मानने से इनकार किया तो अपना चेहरा याद कर लेना कि मैंने तुम्हारा क्या हाल किया था? तो मैंने कहा कि जी मालकिन जैसा आप हुक्म देंगी में वैसा ही करूँगा और फिर भाभी अपने रूम में चली गयी और में बेड पर सोने लगा तो मेरी गांड में बहुत दर्द होने लगा.. क्योंकि भाभी ने डंडे मार मारकर मेरी गांड को लाल कर दिया था। मुझसे अब सोया भी नहीं जा रहा था। फिर करीब दो घंटे बाद दर्द कम हुआ और में सो गया। फिर सुबह उठते ही पहले में सीधा अपनी भाभी के रूम में गया तब भाभी रूम में नहीं थी और भैया नहा रहे थे। भाभी उनके लिए रसोई में खाना बना रही थी और फिर में सीधा रसोई में चला गया।
भाभी रसोई में खड़े होकर खाना बना रही थी और में सीधा उनके पैरो में गिर पड़ा और उनके पैरो को चाटने लगा और दोनों पैरो को चाटने के बाद मैंने कहा कि गुड मॉर्निंग मालकिन। तो भाभी के चहरे पर हल्की सी मुस्कान आई और बोली कि मेरे देवर की यही जगह सही है मेरा देवर अब मेरा गुलाम बनकर रहेगा क्यों देवर जी? तो में बोला कि जी मालकिन तो भाभी बोली कि वाह्ह्ह् क्या बात है? तुम अब पूरी तरह मेरे गुलाम बन चुके हो और मेरे इशोरो पर नाचने लगे हो.. तुम मेरे पूरे पालतू कुत्ते बन चुके हो। फिर मैंने बोला कि जी मालकिन में तो हूँ ही आपका पालतू कुत्ता.. जैसा आप कहती है यह कुत्ता वैसा ही करता है आपके हर हुक्म को मानता है। तो भाभी बोली कि चलो जाओ अब तुम्हारी मालकिन के पति के लिए खाना बनाने दो.. तब तक तुम मेरे रूम में जाकर झाड़ू पोछा लगाओ। तो में बोला कि जी मालकिन अभी करता हूँ और फिर में भाभी के रूम में पहुँचा और आधे घंटे में भाभी के फर्श को पूरा चमका दिया और अब फर्श पर मिट्टी का एक दाना भी नहीं दिखाई दे रहा था।
फिर उसके बाद भैया खाना खाकर ऑफिस चले गये और दोपहर को भाभी की छोटी बहन आ गयी थी। उसका नाम प्रिया था वो लाल कलर की जिन्स और भूरे कलर की टी-शर्ट पहन कर आई थी और बहुत सेक्सी लग रही थी। उसके बूब्स बड़े बड़े और जिस्म एकदम मस्त था और में घूर घूरकर उसके बूब्स देख रहा था और में उसके बूब्स देखकर पगल हो गया और उसे देखकर मेरा लंड खड़ा हो गया। फिर उस वक़्त भाभी नहा रही थी और मैंने उन्हें रूम में ले जाकर बैठा दिया और वहीं कुर्सी पर बैठकर उनके साथ बातें करने लगा। फिर कुछ देर बाद भाभी रूम में आई और मुझे देखते ही एक जोरदार थप्पड़ मेरे मुहं पर मारा और बोली कि तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई मेरी बहन के बराबर बैठने की? तुम्हे तुम्हारी औकात पता होनी चाहिए तुम्हारी औकात पैरो में बैठने की है.. चलो कुर्सी से खड़े हो जाओ और मेरी बहन के पैरो में जाकर बैठो। तो में अपने मुहं पर हाथ रखकर भाभी की बहन के पैरो के पास जाकर बैठ गया और भाभी की बहन भी यह सब देख रही थी। वो बोली कि दीदी यह सब क्या है? आप अपने देवर को क्यों मार रही हो? तो भाभी बोली कि अरे नहीं मेरी प्यारी बहना.. यह देवर नहीं अब मेरा गुलाम है और इस गुलाम को वही करना होगा जो में इसे करने को कहूँगी। इसे मेरा हर हुक्म मानना पड़ेगा यही इसकी सज़ा है मुझे देखने की। फिर प्रिया बोली कि देखने की क्या देखने की? तो भाभी बोली कि यह मुझे खिड़की से कपड़े चेंज करते हुए देख रहा था और वो तो शुक्र है कि मैंने शीशे में से इसे देख लिया था और उसके बाद मैंने इसका वो हाल किया है कि जिंदगी भर यह कभी मुझे देखने की हिम्मत नहीं करेगा और यह गुलामी भी इसे इसी वजह से करनी पड़ रही है।
तो प्रिया बोली कि दीदी यह तो सच में बहुत कमीना है.. ऐसे इंसान को तो चप्पलो से मारना चाहिए। तो भाभी बोली कि तुम ठीक कह रही हो बहना.. वैसे तो में इसे अपने सेंडलो से मार चुकी हूँ.. लेकिन तुम चाहो तो तुम भी अपने अरमान पूरे कर सकती हो। तब प्रिया बहुत खुश हो गयी और भाभी ने मुझे प्रिया के पैरो में बैठने को कहा और में बोला कि नहीं मालकिन जब से मैंने आपको कपड़े चेंज करते हुए देखा है तब से आप पहले ही मेरा बहुत बुरा हाल कर चुकी हो.. अब तो मुझ पर रहम करो। तभी भाभी ने आगे आकर एक जोरदार तमाचा मेरे मुहं पर मारा और बोली कि तुमसे जितना कहा गया है उतना ही करो मेरे आगे ज़्यादा ज़बान चलाने की कोशिश मत करो.. वरना में तुम्हारी खाल खींचकर रख दूँगी। तब में प्रिया के पैरो के सामने आकर बैठ गया और प्रिया ने अपना सीधे पैर का सेंडल उतारा और मुझे दिखाते हुए बोली कि आज इन सेंडलो से तुम्हारे चहरे का वो हाल करूँगी कि कभी मेरी बहन को देख नहीं पाओगे और ताबड़तोड़ मेरे मुहं पर सेंडल मारने चालू कर दिए।
भाभी का थप्पड़ खाकर पहले ही मेरे गाल पर दर्द हो रहा था.. लेकिन प्रिया ने तो इतने खींचकर मेरे मुहं पर सेंडल मारे कि मारे जिसके दर्द से मेरी तो जान ही निकल रही थी.. लेकिन में कुछ कर भी नहीं सकता था। प्रिया ने तो सेंडलो से मार मार कर मेरा पूरा चेहरा लाल कर दिया था और वो बोली कि कमीने तेरा तो चेहरा बिगाड़ दूँगी। यह मेरी जिंदगी में पहली बार हुआ था कि दो लड़कियों ने मुझे अपने सेंडलो से पीटा था और मुझे गुलामी करनी पड़ रही थी। प्रिया का सेंडल कभी मेरे सीधे गाल पर पड़ता तो कभी उल्टे गाल पर प्रिया ने सच में सेंडल मार मारकर मेरे चेहरे का नक्शा ही बिगाड़ दिया था और सेंडलो से पिटने के कारण मेरी आँख के नीचे सूजन आ गयी थी.. लेकिन प्रिया थी कि रुकने का नाम ही नहीं ले रही थी। उसके सेंडल तड़ातड़ मेरे गालो पर बरस रहे थे। फिर मेरी जान में जान तब आई जब मुझे प्रिया मार मारकर थक चुकी थी.. क्योंकि उसका शरीर थोड़ा हैल्थी था जिसके कारण वो जल्दी ही थक जाती थी।
उसके जिस्म पर अब पसीने की लहर चल पड़ी थी.. फिर वो रुकने के बाद बोली कि जाओ और मेरे लिए पानी लेकर आओ मुझे तब थोड़ा चैन मिला था। में पानी लेने गया और फिर वापस आया और उन्हें पानी दिया। तब जाकर उन्होंने मुझ पर रहम खाया और मुझे मारना रोक दिया और मेरे मुहं पर थूक थूककर बोली कि तू कमीना है और दोबारा मेरे मुहं पर थूककर बोली कि कमीना कुत्ता है। फिर मैंने अपने चहरे से थूक साफ किया तो भाभी ने पीछे से आकर मेरी कमर पर एक लात मारी और बोली कि तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई अपना चेहरा साफ करने की? तो में बोला कि सॉरी मालकिन ग़लती हो गयी। तो भाभी ने मेरे बालों को पकड़कर ऊपर खींचा और मेरे मुहं पर थूकने लगी और बोली कि ले मेरा भी थूक। तो मेरा पूरा चहरा भाभी ने अपने थूक से भर दिया था और उसके बाद मुझे प्रिया ने अपने पास बुलाया और प्रिया ने फिर से मेरे मुहं पर थूक दिया।
फिर प्रिया ने ज़मीन पर थूक दिया और हाथ से इशारा करके बोली कि अगर फर्श पर मुझे ज़रा सा भी थूक नज़र आया तो में तुम्हारी चमड़ी उधेड़ दूँगी और बोली कि जहाँ जहाँ पर मेरा थूक गिरा है.. उसे अपने मुहं से चाटना। फिर भाभी ने एक जोरदार लात मेरे पैरो के ऊपर मारी जिससे मेरे पैरो की उंगलियों में दर्द होने लगा क्योंकि मैंने उस वक़्त चप्पल वगेरह कुछ पहन नहीं रखा था। उसके बाद भाभी ने मेरे दोनों पैरो पर दो बार और खींचकर लात मारी और बोली कि चलो प्रिया शुरू हो जाओ। प्रिया ने पहले अपने सेंडल पर थूक दिया जिसे मैंने चाटकर साफ कर दिया। फिर प्रिया ने भाभी के सेंडलो पर भी थूक दिया उसे भी चाटकर मैंने साफ किया। उसके बाद आज तक में भाभी का गुलाम बना हुआ हूँ।

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